Friday, August 5, 2022

6 अगस्त - हिरोशिमा डे




6 अगस्त को हिरोशिमा डे के तौर पर जाना जाता है। हिरोशिमा और नागासाकी  जापान के दो शहर के नाम है। आज से 77 साल पहले  यूनाइटेड स्टेट अमेरिकाने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इन दो शहर पर परमाणु  बम गिराये थे।

दूसरे विश्व युद्ध का दौर 1939 से 1945 था, और उस समय पूरा विश्व तीन  हिस्सों में बटा हुआ था।

(1) अलाइस

(2) एकसिस ब्लोक्स 

      और

(3)  न्यूट्रल कंन्ट्रीस 

दूसरे विश्व युद्धमें  लाखो लोग बलि चढ़ रहे थे, लेकिन यह वोर खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था । तब 6 अगस्त 1945  के दिन सुबह करीबन 8 :15 बजे अमेरिका के एनोला गे नामक अमेरिकन B - 29  बॉम्बरने जमीन से करीबन 31000 फिट की ऊंचाईसे " लिटल बॉय" नामक परमाणु बम जापान के हिरोशिमा शहर पर गिराया था। इस तरह विश्व का पहला परमाणु बम अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा शहर पर गिराया गया था। अमेरिका ने जहां पर यह बम गिराया था, वहाँ मशरूम के आकार जेसी ज्वाला फटी थी और  उसके आसपास की  हर चीज जलकर खाक हो गई थी, और उस वख्त जमीन करीबन 4000 डिग्री सेल्सियस गर्म हो गई थी।

उस न्यूक्लर बम हमले में करीबन 1,40,000 लोग मारे गए थे, और जो लोग इस बम के हमले से बच गए थे वह भी इस परमाणु बम की रेडिएसन के जपेट में आने के कारण  बच न सके और फिर उनकी भी मृत्यु हो गई थी।किन्तु इस  हमले के बाद भी अमेरिका शांत नहीं हुआ था।और तब अमेरिकाने 6 अगस्त के ठीक तीन दिन बाद यानि 9 अगस्त 1945 को करीबन सुबह के 11:00 बजे  जापान के दूसरे शहर नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम यानि " फेट मेन " नामक   प्लूटोनियम  बम गिराया था।जिसमे अनुमानित 75,000 से ज्यादा लोग मारे गए  थे।

हिरोशिमा पर गिराए गए "लिटल बॉय" नामक बम का वजन 4000 kg था और वह 10 फिट लंबा था और उसमें 65 kg यूरेनियम था।

नागासाकी पर गिराए गए "फेट मेन " नामक परमाणु बम का वजन करीबन 4500 kg था।और उसकी लंबाई 11.5 फिट थी और उसमे 6.4 kg प्लूटोनियम था जो यूरेनियम से भी ज्यादा खतरनाक था।

इन दोनों बम की वजह से पूरे शहरमे तबाही मच गई थी ,और दूर दूर तक लाशों के ढेर लग गए थे।

दरअसल दूसरे विश्व युद्ध के समय जापानी सेनाने अमेरिका के नौसैनिक अड्डे पर्ल हार्बर पर हमला किया था।इसके जवाब में अमेरिकाने जापान के दो  शहर पर हमला किया था।

जापान के दो शहर हिरोशिमा और नागासाकी पर जो परमाणु बमका हमला अमेरिका द्वारा  साल 1945 में किया गया उसके निशान आज भी इन शहरोमें मौजूद है।

6 अगस्त को मानव  इतिहास का एक काला दिन कह सकते है क्यूंकी इस दिन एक ही जटकेमें लाखो जिंदगीया खत्म हो गई थी।

9 अगस्त  की घटना के बाद जापान के राजा हिरोहित्ता ने अमेरिकी सेना के सामने  आत्म समर्पण कर दिया था।और इसी वजह से दूसरा विश्व युद्ध रुका था।अगर जापान के राजा ने अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया होता तो अमेरिका जापान पर  तीसरा हमला करने की फिराक में ही था।

परमाणु बम की ताकत से दुनिया को कितना खतरा हो सकता है, इस बारे में जागृतता बढ़ाने के लिए 6 अगस्त के दिन हिरोशिमाकी घटना को  याद किया जाता है।ताकि हम फिरसे वह गलती ना दोहराए।तो इस प्रकार इस मानवीय संहार और विनाशता के दिन को द्यानमें रखते हुये 6 अगस्त को हिरोशिमा डे के तौर पर जाना जाता है।





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Story of Ahmedabad road